मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

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रविवार, 27 मई 2018

Wajood Se :Safar !!

नादानियाँ अक्सर ,
बरपा करती है कहर ,
टूट जाते हैं कई दिल 
जब चुभते हैं नश्तर 
दुआ करता है दिल ,
या खुदा ! रहम कर रहम कर !! 
क्यों दुश्मनी करता है इंसा 
क्यों घोलता है नफरत का ज़हर 
क्यों नहीं बनता हमदर्द एक दूसरे का 
छोटी सी दुनिया थोड़े से लोग,
और इससे भी कम,
इंसानी ज़िन्दगी का सफर !!

नश्तर:छुरियां,रहम:दया,हमदर्द:दुःख बांटने वाला  

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