दुनिया ने सिखा दिया जीना
हम तो थे बदगुमान ,
नहीं जानते थे जीने का सलीका ,
के हर शख्स है ,एक राज़
और उससे जुडी हर बात है पोशीदा
गर बनाना है ज़िन्दगी को कामयाब ,
तो बन जाओ एक राज़ ,
और अपनी हर बात को रखो पोशीदा ,
नज़रे बद से बचना है अगर ,
तो बंद कर लो ताले में ,अपना वजूद
सलीका:शऊर या ढंग,बदगुमान :ग़लतफ़हमी ,पोशीदा :गुप्त,वजूद:व्यक्तित्व ,नज़रे बद :बुरी नज़र
हम तो थे बदगुमान ,
नहीं जानते थे जीने का सलीका ,
के हर शख्स है ,एक राज़
और उससे जुडी हर बात है पोशीदा
गर बनाना है ज़िन्दगी को कामयाब ,
तो बन जाओ एक राज़ ,
और अपनी हर बात को रखो पोशीदा ,
नज़रे बद से बचना है अगर ,
तो बंद कर लो ताले में ,अपना वजूद
सलीका:शऊर या ढंग,बदगुमान :ग़लतफ़हमी ,पोशीदा :गुप्त,वजूद:व्यक्तित्व ,नज़रे बद :बुरी नज़र
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