नहीं मिलती किसी से भी ,
तेरी सूरत,तेरी सीरत
ढूंढ लिया गोशा गोशा ,
ढूंढ ली सारी कुदरत
याद किया तुझको हर पल
साथ हो दौलत या ग़ुरबत
तेरे बिना तेरे ख़याल के बिना
जीने का ख़याल भी है एक वहशत ,
और क्या चाहिए मुझे
बस तेरा करम तेरी रहमत !!
सीरत : नीयत,गोशा गोशा :पोर पोर ,ग़ुरबत : गरीबी ,वहशत :डर
तेरी सूरत,तेरी सीरत
ढूंढ लिया गोशा गोशा ,
ढूंढ ली सारी कुदरत
याद किया तुझको हर पल
साथ हो दौलत या ग़ुरबत
तेरे बिना तेरे ख़याल के बिना
जीने का ख़याल भी है एक वहशत ,
और क्या चाहिए मुझे
बस तेरा करम तेरी रहमत !!
सीरत : नीयत,गोशा गोशा :पोर पोर ,ग़ुरबत : गरीबी ,वहशत :डर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें