क्यूं ज़िन्दगी मेरी बेनूर हुई जाती है,
टिमटिमाने लगी है रौशनी भी आँखों की ,
क्यों मेरी हिम्मत काफूर हुई जाती है ,
देखा जो हादसे का खौफनाक मंज़र
क्यूं उसकी याद बदस्तूर हुई जाती है
कल तक तो थी ज़िंदादिली की मिसाल
आज तो ज़िन्दगी भी मानो दूर हुई जाती है
शख्सियत पर अपनी कुछ कुछ मुझे था गुरूर
अब वही बेरहमी से चूर चूर हुई जाती है !!
बेनूर:प्रकाशहीन,काफूर:खत्महोना या गायब होना,खौफनाक मंज़र:भयानक दृश्य ,बदस्तूर :लगातार ,मिसाल:उदहारण,ज़िंदादिली : मस्तमौला पन ,शख्सियत : व्यक्तित्व ,गुरूर:घमंड
टिमटिमाने लगी है रौशनी भी आँखों की ,
क्यों मेरी हिम्मत काफूर हुई जाती है ,
देखा जो हादसे का खौफनाक मंज़र
क्यूं उसकी याद बदस्तूर हुई जाती है
कल तक तो थी ज़िंदादिली की मिसाल
आज तो ज़िन्दगी भी मानो दूर हुई जाती है
शख्सियत पर अपनी कुछ कुछ मुझे था गुरूर
अब वही बेरहमी से चूर चूर हुई जाती है !!
बेनूर:प्रकाशहीन,काफूर:खत्महोना या गायब होना,खौफनाक मंज़र:भयानक दृश्य ,बदस्तूर :लगातार ,मिसाल:उदहारण,ज़िंदादिली : मस्तमौला पन ,शख्सियत : व्यक्तित्व ,गुरूर:घमंड
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