मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

शुक्रवार, 6 मार्च 2020

Halahal Se : By Nirupama Sinha !! Halahal !! {Madhyam Varg-4}

हलाहल----
नहीं तोड़ते ये विश्वास,
ये होते कर्तव्य परायण ,
मातपिता और परिवार में ,
ढूंढ़ते रहते हैं रामायण।
सच के साथी,झूठ के दुश्मन,
बिना किसी भी लोभ प्रलोभन,
ये करते जनमत तैयार ,
ये जागरूक ,ये समझदार।
इनसे डरते कपटी नेता ,
इनसे डरते घूसखोर,
निडर बनाती सच की ताक़त,
इनका मत,मत है अनमोल।
थोड़े वेतन का संयोजन,
करते इस प्रकार अकिंचन,
हो जाते सारे निर्वाह ,
मिल जाता है एक निकेतन।
क्या खाता है क्या पाता  है,
कैसे जीता है यह वर्ग,
चतुराई से ,कटु सत्य छुपा कर,
कैसे हँस पता यह वर्ग।
इनका जीवन सच्चा जीवन,
कटु सत्यों से संघर्षों से,
लड़ते भिड़ते ये आजीवन,
किन्तु न कर पाते संवर्धन!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot -Adbhut!(21)

Till they were children it was overlooked by all , it was just a children’s play for all , Chandan Singh Kamini Devi and all the staff membe...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!