फुर्सत------
नहीं मिलती उन्हें फुर्सत,
हमारा हाल पूछने की,
किस तरह जीते हैं हम,
ये बात जानने की,
हमने सरताज बनाया ,
पहनाया सर पे ताज उन्हें,
वो हमारी और बस,
कातिल मुस्कराहट ही उछालते रहे,
क़त्ल करते रहे हमारा,
अरमानों की दफनाते रहे,
जब हमने की बुलंद,
आवाज-ए -खिलाफत,
उन्होंने फिर दिखाया,
दिलफरेब तमाशा एक,
और बड़ी मासूमियत से जताया,
दावा हमसे हमदर्दी का,
दरअसल वे मसरूफ रहते हैं,
अपने अफरात खजाने छुपाने में,
मुब्तला रहते हैं,जोर आजमाईश में,
ताकि कुर्सी बनी रहे किसी भी तौर!
शब्द अर्थ---मसरूफ--व्यस्त,अफरात -अनन्य
नहीं मिलती उन्हें फुर्सत,
हमारा हाल पूछने की,
किस तरह जीते हैं हम,
ये बात जानने की,
हमने सरताज बनाया ,
पहनाया सर पे ताज उन्हें,
वो हमारी और बस,
कातिल मुस्कराहट ही उछालते रहे,
क़त्ल करते रहे हमारा,
अरमानों की दफनाते रहे,
जब हमने की बुलंद,
आवाज-ए -खिलाफत,
उन्होंने फिर दिखाया,
दिलफरेब तमाशा एक,
और बड़ी मासूमियत से जताया,
दावा हमसे हमदर्दी का,
दरअसल वे मसरूफ रहते हैं,
अपने अफरात खजाने छुपाने में,
मुब्तला रहते हैं,जोर आजमाईश में,
ताकि कुर्सी बनी रहे किसी भी तौर!
शब्द अर्थ---मसरूफ--व्यस्त,अफरात -अनन्य
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