शोर-----------------
शोर मचाता है क्यूं दरिया,
समंदर खामोश रहता है,
गरजता है क्यूँ बादल
आसमान खामोश रहता है।
गुंचे और बूटे हिल देती है हवा,
बड़े दरख़्त खामोश खड़े रहते हैं,
आंधियाँ उजाड़ देतीं हैं पंछी का नशेमन,
महल खामोश खड़े रहते हैं,
रोता चिल्लाता है मुश्किलों में मजलूम,
ताकतवर खामोश खड़ा रहता है,
झूठ और फरेब होता है शीरीं में घुला ,
सच हमेश कड़वा क्यूँ होता है!
शब्द अर्थ--नशेमन--घोंसला,दरख़्त--पेड़,फरेब--धोखा,मजलूम--जिसपर ज़ुल्म होता है,शीरीं--चाशनी
शुक्रिया-----------------------
शुक्रिया तेरा तहे दिल से शुक्रिया,
ए दुनिया तूने सबकुछ दे दिया,
उम्मीद का एक कतरा भी न छोड़ा मेरे दामन में,
इसे नाउम्मीदी के ख़ारों से भर दिया,
आँखों की चमक को आंसूओं में डुबो दिया,
लबों का तबस्सुम मायूसी से ढक दिया,
मेरी जिन्दादिली को तूने थका दिया,
करती रही कोशिश दर कोशिश,
तुझे अपना बनाने की लेकिन,
तूने तो इसे सिरे से पराया कर दिया,
फिर भी जिंदगी की लाठी हाथ में लिए,
चली जा रही हूँ मैं,
यह भूल कर क्या खो दिया मैंने,
और क्या पा लिया!
शब्द अर्थ---शुक्रिया--धन्यवाद,तबस्सुम--मुस्कराहट,कतरा--बूंद ,ख़ार --कांटें .जिन्दादिली--जीवनी शक्ति।
सिलसिला------
जब लगने लगता है मंज़िल सामने है,एक कदम की दूरी है,
किनारे पहुँचने वाली हूँ,
बस जमीन को छूनेवाली हूं ,
तभी न जाने कहां से ,
आ जाता है एक बवंडर या,
फिर एक तेज लहरों का बहाव,
गुम हो जाती है मंज़िल या,
मैं गुम हो जाती हूं ,
दूर चली जाती है मंज़िल या,
मैं कहीं दूर फेंक दी जाती हूं ,
फिर चलने लगाती हूँ उस ओर ,
दिल में उम्मीद और जोश लिये,
शायद इस बार पहुंच जाऊं,
शायद ना आए कोई तूफ़ान,
शायद टूट जाए अब,
ये सिलसिला!
शब्द अर्थ--बवंडर--धुल भरी आंधी
शोर मचाता है क्यूं दरिया,
समंदर खामोश रहता है,
गरजता है क्यूँ बादल
आसमान खामोश रहता है।
गुंचे और बूटे हिल देती है हवा,
बड़े दरख़्त खामोश खड़े रहते हैं,
आंधियाँ उजाड़ देतीं हैं पंछी का नशेमन,
महल खामोश खड़े रहते हैं,
रोता चिल्लाता है मुश्किलों में मजलूम,
ताकतवर खामोश खड़ा रहता है,
झूठ और फरेब होता है शीरीं में घुला ,
सच हमेश कड़वा क्यूँ होता है!
शब्द अर्थ--नशेमन--घोंसला,दरख़्त--पेड़,फरेब--धोखा,मजलूम--जिसपर ज़ुल्म होता है,शीरीं--चाशनी
शुक्रिया-----------------------
शुक्रिया तेरा तहे दिल से शुक्रिया,
ए दुनिया तूने सबकुछ दे दिया,
उम्मीद का एक कतरा भी न छोड़ा मेरे दामन में,
इसे नाउम्मीदी के ख़ारों से भर दिया,
आँखों की चमक को आंसूओं में डुबो दिया,
लबों का तबस्सुम मायूसी से ढक दिया,
मेरी जिन्दादिली को तूने थका दिया,
करती रही कोशिश दर कोशिश,
तुझे अपना बनाने की लेकिन,
तूने तो इसे सिरे से पराया कर दिया,
फिर भी जिंदगी की लाठी हाथ में लिए,
चली जा रही हूँ मैं,
यह भूल कर क्या खो दिया मैंने,
और क्या पा लिया!
शब्द अर्थ---शुक्रिया--धन्यवाद,तबस्सुम--मुस्कराहट,कतरा--बूंद ,ख़ार --कांटें .जिन्दादिली--जीवनी शक्ति।
सिलसिला------
जब लगने लगता है मंज़िल सामने है,एक कदम की दूरी है,
किनारे पहुँचने वाली हूँ,
बस जमीन को छूनेवाली हूं ,
तभी न जाने कहां से ,
आ जाता है एक बवंडर या,
फिर एक तेज लहरों का बहाव,
गुम हो जाती है मंज़िल या,
मैं गुम हो जाती हूं ,
दूर चली जाती है मंज़िल या,
मैं कहीं दूर फेंक दी जाती हूं ,
फिर चलने लगाती हूँ उस ओर ,
दिल में उम्मीद और जोश लिये,
शायद इस बार पहुंच जाऊं,
शायद ना आए कोई तूफ़ान,
शायद टूट जाए अब,
ये सिलसिला!
शब्द अर्थ--बवंडर--धुल भरी आंधी
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