धुंध-------
जहन में होता है खयालातों का हुजूम,
बेतरतीब से बिखरे बिखरे से ख़यालात,
कभी सर उठाता है एक,
कभी दूसरा कोई,
हसीन भी होते हैं,दिलफरेब भी होते हैं ये ,
बिखेरते हैं खुशियों की छटा,
या घेर देते हैं दिल को अंधेरों में कभी,
मायूसी का बायस बन कर,
गमो की धुंध सी छा जाती है,
घुटने लगता है दम,
काफी होता है एक मनहूस खयाल ,
सारी खुशियों को निगलने के लिए!
शब्द अर्थ---बायस --कारण,फरेब--दिल को धोखा देने वाला
जहन में होता है खयालातों का हुजूम,
बेतरतीब से बिखरे बिखरे से ख़यालात,
कभी सर उठाता है एक,
कभी दूसरा कोई,
हसीन भी होते हैं,दिलफरेब भी होते हैं ये ,
बिखेरते हैं खुशियों की छटा,
या घेर देते हैं दिल को अंधेरों में कभी,
मायूसी का बायस बन कर,
गमो की धुंध सी छा जाती है,
घुटने लगता है दम,
काफी होता है एक मनहूस खयाल ,
सारी खुशियों को निगलने के लिए!
शब्द अर्थ---बायस --कारण,फरेब--दिल को धोखा देने वाला
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