मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

रविवार, 8 मार्च 2020

Wajood Se : By Nirupama Sinha !! {66} Maut !!

मौत---------

भूला रहता है इंसान जानबूझ कर,
कभी भूले से भी इसका खयाल लाता नहीं,
गर कोई मौत की कगार पर हो,
तो सेंकड़ों नुस्खे सुझाएगा,
गोया वे हकीम लुकमान से कम नहीं,और उनके नुस्खे,
खींच लायेंगे उसे,मौत के मुंह से बाहर,
लेकिन जब उसे मौत आ ही जाएगी,
तो कोई परहेज़ नहीं चर्चों से,
बाकायदा बहस मुबाहिसा भी कर लेंगे,
जिरह भी कर लेंगे,
मरने वाले के तारीफों के पुल बांधेंगे ,
दिली अफ़सोस जताएंगे,
और शफ्फाफ कपडे पहन ,
होंगे जनाज़े में उसके शरीक,
आपस में सभी गुफ्तगू करेंगे,
मुंह छुपा कर मुस्कुरा भी लेंगे,
गोया जनाज़े में नहीं किसी बारात में हों शामिल,
उसके जिस्म को खाक होता हुआ देखेंगे,
या होते हुए जमींदोज,
पर असर न लेंगे कुछ 
रस्मे दस्तूर निभा कर चल देंगे 
फिर दुनिया की ओर 
हो जायेंगे मसरूफ रोजमर्रा के सिलसिलों में,
भूल जायेंगे मौत,या गर्क कर देंगे उसका खयाल 
दिमाग के किसी अंधे तहखाने में!

शब्द अर्थ---गुफ्तगू--वार्तालाप,जमींदोज--दफ्न होना,दस्तूर--प्रथा,गर्क--डूबना 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut!(26)

When the bell  final bell rang , all the girls from different classes were coming out and rapidly going towards the main gate of the school,...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!