अंजान ------
जिंदगी क्या है एक सफ़र अनजाना सा ,
न पता मालूम होता है मंजिल का,
न हमसफ़र की पहचान होती है,
न खबर होती है पथरीले रास्तों की,
न अनचाहे हादसों का गुमां होता है,
कितने अपने कितने सपने,बिछड़ जाते हैं दौरान ए सफ़र,
कितने छुप कर मारने वाले खंजर ,
बीच रहगुजर,
ख़ामोशी से बन जाते हैं हमसफ़र,
करते हैं वार बेखबर,
लेकिन सम्हाल लेते हैं वो,
खुशगवार होते हैं जिनकी बदौलत,
शाम ओ सहर!
शब्द अर्थ --रहगुजर --रास्ता
जिंदगी क्या है एक सफ़र अनजाना सा ,
न पता मालूम होता है मंजिल का,
न हमसफ़र की पहचान होती है,
न खबर होती है पथरीले रास्तों की,
न अनचाहे हादसों का गुमां होता है,
कितने अपने कितने सपने,बिछड़ जाते हैं दौरान ए सफ़र,
कितने छुप कर मारने वाले खंजर ,
बीच रहगुजर,
ख़ामोशी से बन जाते हैं हमसफ़र,
करते हैं वार बेखबर,
लेकिन सम्हाल लेते हैं वो,
खुशगवार होते हैं जिनकी बदौलत,
शाम ओ सहर!
शब्द अर्थ --रहगुजर --रास्ता
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