अश्क -----
अश्क की बूँद ,
शायद ही कोई पाए ,
इसका अर्थ ढूँढ ,
यह कामयाबी पर,
टपकती है ख़ुशी बन कर,
नाकामयाबी पर,
बहती है ख़ामोशी से ,
बिछड़ों के बरसों बाद मिलने पर,
बिखरती है ख़ुशी बन कर,
अपनों से बिछड़ते वक़्त ,
टपकती है मायूसी से,
हँसते हँसते छलकती है हँसी बनकर,
किसी की बेरहमी को देख कर,
डबडबाती है रहम से!
शब्द-अर्थ ----अश्क आंसू
अश्क की बूँद ,
शायद ही कोई पाए ,
इसका अर्थ ढूँढ ,
यह कामयाबी पर,
टपकती है ख़ुशी बन कर,
नाकामयाबी पर,
बहती है ख़ामोशी से ,
बिछड़ों के बरसों बाद मिलने पर,
बिखरती है ख़ुशी बन कर,
अपनों से बिछड़ते वक़्त ,
टपकती है मायूसी से,
हँसते हँसते छलकती है हँसी बनकर,
किसी की बेरहमी को देख कर,
डबडबाती है रहम से!
शब्द-अर्थ ----अश्क आंसू
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