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रविवार, 8 मार्च 2020

Wajood Se : By Nirupama Sinha !!{45} Jazbaat{46}Jeet{47}Zor !!

जज़बात ------ 

एक टुकड़ा ज़मीन 
एक टुकड़ा आसमान,
मुश्किल से मयस्सर होता है,
लेकिन जज़बातों का खुला आसमान,
हर एक को मुक़र्रर होता है,
जज़बात ,जो होते हैं सितारों की तरह,
चमकते हैं आँखों में,
बहारों क तरह,जो सुकून भर देते हैं,
दिलों में,
ख़ुशबुओ की तरह,जो फ़ैल जाते हैं,
साँसों में,
लेकिन ये होते हैं बड़े नाज़ुक,
टूट जाते हैं हलकी सी ठेस लगने से,
बुलबुलों की तरह!

शब्द अर्थ---मुक़र्रर-तय

जीत------

कितना फर्क होता है ,
ख्वाबों में और उनकी ताबीर में,
पथरीले रास्तों सी भीड़ मुश्किलों की,
और उनसे जूझते इंसान,
झाग के बुलबुलों से उनके ख्वाब,
और हकीकत के पत्थर,
उसे दिखाई जाने वाली रंगीन तस्वीर,
और उसके पीछे छुपे सच के बदरंग पहलू,
हौंसलों की उखड़ती पस्त साँसें,
फिर भी जद ओ जहद करते इंसान,
एक एक दिन गुजार लेने पर खुश होते इंसान,
मानो कोई जंग जीत आये हों इंसान!

शब्द अर्थ---ताबीर--सच होना,जद -ओ-जहद--जीवन संघर्ष,

ज़ोर -------

एक ज़ोर आज़माइश है जिंदगी,
अपनी अपनी डोर का एक सिरा,
थामे खड़ा मज़लूम और मजबूर,
दूसरी ओर खड़ा है,
ताक़तवर,दौलतमंद,ओहदेदार,असरो रसूख वाला,
कद्दावर मगरूर,
गिरता है,उठता है,फिर गिरता है,
मजलूम और मजबूर,
ठठाकर हँसता है,
दूसरी ओर खड़ा ,दौलत के नशे में धुत्त मगरूर,
उसके लिए यह खेल है तफरीह,
ख़ुद को सम्हाले रखने पर टिका है,
दारोमदार - ए- जिंदगी -ए -मजबूर ,
इसी पर होती है उसकी सारी  तरजीह, 
एक पिद्दी,एक पहलवान,
फिर भी ज़ोर आज़माईश चलती रहती है!

शब्द अर्थ---आज़माईश--परीक्षा,मजलूम-कमज़ोर,मगरूर--घमंडी,तफरीह--मनोरंजन,तरजीह--ध्यान  

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