इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी सीधे थाने चले गए। थाने में उनके अतिरिक्त चार कॉन्स्टेबल्स भी थे। उनमे तीन जूनियर्स थे उमेश साहू,महेंद्र सक्सेना ,राजेश दवे ,एवं दिवाकर वशिष्ठ थे। दिवाकर वशिष्ठ स्थानीय निवासी थे। वे आयु में भी इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी से वरिष्ठ भी थे और स्थानीय होने के कारण अनिरुद्ध चौधरी के लिए कई बार मार्गदर्शक भी बन जाते थे। थाने पहुंचकर, अनिरुद्ध चौधरी बैठे ही थे ,कि चाय वाला चाय ले आया। चाय पीते हुए वे अंजुरी केस के बारे में बात करने लगे। उन्होंने यह भी बताया कि सुनने है कि विश्वनाथ सिंह के साथ खास दोस्ती है ,दोनों एक ही क्लास में पढ़ते हैं। महेन्द्र सक्सेना बोला जी सर हमने भी सुना है ,"कैसे ? चौंकते हुए अनिरुद्ध चौधरी ने पूछा, सर ! हमारे साले ने शहर में दोनों को सिनेमा से निकलते देखा था। "कब ? लगभग छह महीने पहले। वे दोनों बैडमिंटन खेलने गए थे। दो प्रोफेसर्स भी गए थे साथ में ,लेकिन सिनेमा से ये दोनों ही निकले थे। उस दिन रणवीर सिंह भी शहर में थे और कमलेश्वर से उन्होंने सिनेमा से निकलने के बाद बात भी की थी। ये सभी बातें हमें हमारे साले विनय श्रीवास्तव ने कही हैं। शहर तो सभी जाते रहते हैं खरीदारी करने या सिनेमा देखने तो हमने इस बात को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया।
दिवाकर वशिष्ठ बोले ," रणवीर सिंह की बेटी से ही कल कमलेश्वर की सगाई हुई ,केवल घर घर के लोग ही मेहमान थे। "
सर! लेकिन दोनों ही बहुत प्रभाव शाली हैं ,विश्वनाथ सिंह और रणवीर सिंह की पहुँच ऊपर तक है और वैसे भी उनसे शत्रुता लेकर कोई रतनगढ़ में नहीं रह सकता। "
हूँ " कहते हुए अनिरुद्ध चौधरी वापस सोनू स्टूडियो गए ,उसने पैकेट तैयार रखा था। अनिरुद्ध चौधरी को महाविद्यालय जाना था ,उन्होंने सोचा वहीँ जाकर फोटो देख लेंगे ,वैसे भी अंजुरी को पहचानना उनके लिए संभव नहीं था ,वे सांस्कृतिक कर्यक्रम में निमंत्रित थे पर उस दिन वे पैतृक गांव गए थे। और वे मात्र माह पहले ही यहाँ ट्रांसफर हो कर आये थे ,तथा दिवाकर वशिष्ठ के परामर्श पर विश्वनाथ सिंह तथा रणवीर सिंह से एक औपचारिक भेंट कर ली थी। आज दूसरी बार वे कमलेश्वर से कुछ पूछने वहां जा पहुंचे थे। --क्रमशः ----
दिवाकर वशिष्ठ बोले ," रणवीर सिंह की बेटी से ही कल कमलेश्वर की सगाई हुई ,केवल घर घर के लोग ही मेहमान थे। "
सर! लेकिन दोनों ही बहुत प्रभाव शाली हैं ,विश्वनाथ सिंह और रणवीर सिंह की पहुँच ऊपर तक है और वैसे भी उनसे शत्रुता लेकर कोई रतनगढ़ में नहीं रह सकता। "
हूँ " कहते हुए अनिरुद्ध चौधरी वापस सोनू स्टूडियो गए ,उसने पैकेट तैयार रखा था। अनिरुद्ध चौधरी को महाविद्यालय जाना था ,उन्होंने सोचा वहीँ जाकर फोटो देख लेंगे ,वैसे भी अंजुरी को पहचानना उनके लिए संभव नहीं था ,वे सांस्कृतिक कर्यक्रम में निमंत्रित थे पर उस दिन वे पैतृक गांव गए थे। और वे मात्र माह पहले ही यहाँ ट्रांसफर हो कर आये थे ,तथा दिवाकर वशिष्ठ के परामर्श पर विश्वनाथ सिंह तथा रणवीर सिंह से एक औपचारिक भेंट कर ली थी। आज दूसरी बार वे कमलेश्वर से कुछ पूछने वहां जा पहुंचे थे। --क्रमशः ----
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