इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी ठीक साढ़े नौ बजे महाविद्यालय पहुँच गए। सारे प्राध्यापक और तहसीलदार साहब भी सपत्निक वहां पहुँच गए थे। कल ही की तरह सभी स्टाफ रूम में एकत्रित हुए थे। इंस्पेक्टर ने सिंधु मैडम से आग्रह किया कि प्रभा और कैलाश को भी बुला लिया जाय। सिंधु मैडम ने रामदयाल को भेज कर उन्हें भी वहीं बुलवा लिया। अनिरुद्ध चौधरी ने अपने फोल्डर से वह फोटोग्राफ वाला लिफाफा निकाला और प्राचार्य महोदय के हाथ में सौंप दिया। उन्होंने उसे सिंधु मैडम को दे दिया। सिंधु मैडम लिफाफा खोल कर तेजी से फोटोग्राफ्स देखती जा रही थी। उनकी आँखे आश्चर्य मिश्रित भय से विस्फारित हो गईं थीं। क्या हुआ मैडम ? इंस्पेक्टर ने पूछा। "अंजुरी की फोटो नहीं है। "क्या मतलब ? फोटोग्राफर ने नहीं दी है ?"नहीं सर फोटो तो है ""क्या बोल रहीं हैं आप ? प्राचार्य महोदय तनिक खीजते हुए बोले ""सिंधु मैडम स्वयं को संयत करती हुईं बोलीं कि ""सर जिस ग्रुप डांस में अंजुरी ने डांस किया था उस डांस के फोटो में सभी छह लड़कियों की फोटो है किन्तु अंजुरी की नहीं है "यह सुनते ही अंजना ठाकुर ने झपट कर वे फोटोग्राफ्स सिंधु मैडम के हाथ से ले लिए। सोनू फोटोग्राफर ने हर आइटम के तीन तीन फोटो तीनो एंगल्स से लिए थे। ग्रुप डांस के तीनो एंगल्स में अंजुरी नहीं थी। तहसीलदार साहब ने भी देखा,प्राचार्य महोदय ने सभी प्राध्यापकों ने ,प्रभा और कैलाश ने भी ,और सभी अवाक थे। क्या बोलें। लगभग पंद्रह सौ लोगों की ऑडियंस ने सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा था और सभी गवाह थे की अंजुरी ने नृत्य किया था और अत्यंत सुन्दर नृत्य किया था। मुख्य अतिथि डॉक्टर साहब ने इस कार्यक्रम के लिए अंजुरी को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा भी की थी और यह घोषणा नृत्य के तुरंत बाद स्टेज से किया गया था। यह एक ऐसा पेंच था जिसका कोई कारण भी नहीं दिख रहा था और निराकरण भी।
सहसा अनिरुद्ध चौधरी ने पूछा ,"बैडमिंटन खेलने अंजुरी और कमलेश्वर के साथ कौन गया था ?
आशा शर्मा मैडम ने कहा सर मैं और चौहान सर गए थे ?
उनके साथ फिल्म देखने भी ?
फिल्म ? आशा शर्मा चौंकी। चौहान सर ने कहा सर मैंने ही अनुमति दी थी दोनों को।
और आप ? अनिरुद्ध चौधरी ने आशा शर्मा मैडम की ओर देख कर पूछा।
"सर मेरे एक रिलेटिव रहते हैं शहर में ,उस दिन कोई मैच नहीं था तो मैं मिलने चली गई थी।
झेंपते हुए चौहान सर बोले ,सर मुझे तेज़ सरदर्द था सोना चाहता था ,जब दोनों ने फिल्म देखने की इच्छा प्रकट की मैंने उन्हें जाने दिया प्राचार्य महोदय का क्रोध चेहरे पर दिख रहा था।
अनमोल ठाकुर और अंजना ठाकुर आश्चर्य चकित थे ,अपने माता पिता से प्रत्येक बात कहने वाली अंजुरी ने यह बात कभी नहीं कही अनिरुद्ध चौधरी ने कड़ाई से कैलाश और प्रभा से कमलेश्वर और अंजुरी के परस्पर प्रेम के बारे में पूछा
प्रभा ने कहा ," सर दोनों ने कभी भी खुले रूप में इस बात की अभिव्यक्ति नहीं की थी परन्तु हम सभी ने यह अनुभव किया था कि दोनों एक दूसरे के प्रति अत्यंत कोमल भावनाएं रखते हैं. "
पिछले वर्ष हमने ऐतिहासिक नाटक "तिष्यरक्षिता किया था और प्रैक्टिस के समय यह हम सभी को लगा था। इस बार कैलाश बोला "----क्रमशः ----
सहसा अनिरुद्ध चौधरी ने पूछा ,"बैडमिंटन खेलने अंजुरी और कमलेश्वर के साथ कौन गया था ?
आशा शर्मा मैडम ने कहा सर मैं और चौहान सर गए थे ?
उनके साथ फिल्म देखने भी ?
फिल्म ? आशा शर्मा चौंकी। चौहान सर ने कहा सर मैंने ही अनुमति दी थी दोनों को।
और आप ? अनिरुद्ध चौधरी ने आशा शर्मा मैडम की ओर देख कर पूछा।
"सर मेरे एक रिलेटिव रहते हैं शहर में ,उस दिन कोई मैच नहीं था तो मैं मिलने चली गई थी।
झेंपते हुए चौहान सर बोले ,सर मुझे तेज़ सरदर्द था सोना चाहता था ,जब दोनों ने फिल्म देखने की इच्छा प्रकट की मैंने उन्हें जाने दिया प्राचार्य महोदय का क्रोध चेहरे पर दिख रहा था।
अनमोल ठाकुर और अंजना ठाकुर आश्चर्य चकित थे ,अपने माता पिता से प्रत्येक बात कहने वाली अंजुरी ने यह बात कभी नहीं कही अनिरुद्ध चौधरी ने कड़ाई से कैलाश और प्रभा से कमलेश्वर और अंजुरी के परस्पर प्रेम के बारे में पूछा
प्रभा ने कहा ," सर दोनों ने कभी भी खुले रूप में इस बात की अभिव्यक्ति नहीं की थी परन्तु हम सभी ने यह अनुभव किया था कि दोनों एक दूसरे के प्रति अत्यंत कोमल भावनाएं रखते हैं. "
पिछले वर्ष हमने ऐतिहासिक नाटक "तिष्यरक्षिता किया था और प्रैक्टिस के समय यह हम सभी को लगा था। इस बार कैलाश बोला "----क्रमशः ----
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