छोटा परिवार ---
छोटे परिवारों का जीवन
कितना सुखद कितना स्वछन्द
इसमें समाहित है केवल
पति पत्नी और बालक वृन्द
ना कोई है खींचातानी
ना मचता है कोई द्वन्द
खुशियां मिलती हैं अधिक
कठिनाई बस थोड़ी ,चंद
स्वेच्छा से सारे गृहकार्य
स्वेच्छा से होता है भोजन
हुकूमत नहीं किसी की इसमें
लें मिल जुल निर्णय सारे जन
वर्त्तमान आनंद पूर्ण है
योजनाबद्ध भावी जीवन
पूर्ण नियोजित अनअपेक्षित
या जब हों आँखें बंद ,देह निस्पन्द !!
छोटे परिवारों का जीवन
कितना सुखद कितना स्वछन्द
इसमें समाहित है केवल
पति पत्नी और बालक वृन्द
ना कोई है खींचातानी
ना मचता है कोई द्वन्द
खुशियां मिलती हैं अधिक
कठिनाई बस थोड़ी ,चंद
स्वेच्छा से सारे गृहकार्य
स्वेच्छा से होता है भोजन
हुकूमत नहीं किसी की इसमें
लें मिल जुल निर्णय सारे जन
वर्त्तमान आनंद पूर्ण है
योजनाबद्ध भावी जीवन
पूर्ण नियोजित अनअपेक्षित
या जब हों आँखें बंद ,देह निस्पन्द !!
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