पैसा रुपैया--
कल बैठी मैं सोच रही थी ,
किसकी धुन पर नाच रही है,
ये सारी की सारी दुनिया
ता ता थैया ,ता ता थैया ,
जवाब मिल गया इसका मुझको
ये तो है बस,पैसा - रुपैया !
बदल देता है ये हाल और हालात
चाल ढाल ,नज़रें -नज़रिए और जज़्बात
वाह वाह क्या बात !
दुरदुराते थे कल तक जो
बदल जाते हैं
उनके ख़यालात
यही है सारा रास रचैया
मिया महमूद सच बोल गए
ना बीवी ना बच्चा ,ना बाप बड़ा ना भैया
"The whole thing is that " के भैया
सबसे बड़ा रुपैया
नोटों की नैया ,नोट ही खिवैया
बोलो मोरो सैंया !
भारी से भारी बोझ बन जाए फूल सा हल्का
हैया रे ! हैया !
इस बिन जीवन ऐसे गुज़ारे
कभी साढ़े साती शनि की ,
कभी शनि का ढैया
इसके आते ही कड़ी धूप बन जाए
बस छैंया छैंया छैंया ,भैया !
गरम जेब की सारे लेते
हर दिन हर पल खूब बलैया
हर शै के ऊपर बैठा
सब पर भारी ,यही "सवैया "!!!
कल बैठी मैं सोच रही थी ,
किसकी धुन पर नाच रही है,
ये सारी की सारी दुनिया
ता ता थैया ,ता ता थैया ,
जवाब मिल गया इसका मुझको
ये तो है बस,पैसा - रुपैया !
बदल देता है ये हाल और हालात
चाल ढाल ,नज़रें -नज़रिए और जज़्बात
वाह वाह क्या बात !
दुरदुराते थे कल तक जो
बदल जाते हैं
उनके ख़यालात
यही है सारा रास रचैया
मिया महमूद सच बोल गए
ना बीवी ना बच्चा ,ना बाप बड़ा ना भैया
"The whole thing is that " के भैया
सबसे बड़ा रुपैया
नोटों की नैया ,नोट ही खिवैया
बोलो मोरो सैंया !
भारी से भारी बोझ बन जाए फूल सा हल्का
हैया रे ! हैया !
इस बिन जीवन ऐसे गुज़ारे
कभी साढ़े साती शनि की ,
कभी शनि का ढैया
इसके आते ही कड़ी धूप बन जाए
बस छैंया छैंया छैंया ,भैया !
गरम जेब की सारे लेते
हर दिन हर पल खूब बलैया
हर शै के ऊपर बैठा
सब पर भारी ,यही "सवैया "!!!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें