महान कार्य करने के लिए पहली ज़रूरी चीज है आत्मविश्वास —जॉनसन
All great men think alike.
मेरे कहने पर आप पूरा विश्वास रखें ाोसा कहने वाला व्यक्ति मानव जाति का कट्टर शत्रु है —विवेकानंद
अधूरा काम और अपराजित शत्रु दोनों बिना बुझी आग की चिंगारियों की तरह हैं वे मौका पाकर बढ़ जाएंगे और उस लापरवाह आदमी को आ दबाएंगे —तिरुवल्लुवर
अनजान होना इतने शर्म की बात नहीं जितना सीखने के लिए तैयार न होना है –फ्रेंकलिन
जब बोलना चाहिए उस वक़्त खामोश रहने से लोगों का खात्मा हो सकता है जबकि खामोश रहना चाहिए उस वक़्त बोलने से हम अपने शब्दों को फ़िज़ूल खर्च करते हैं अक्लमंद आदमी सावधानीपूर्वक दोनों गलतियों से बचता है —कन्फ्यूशियस
अंधानुकरण से आत्मविश्वास के बजाए आत्मसंकोच होता है —-अरविन्द
सच्चा काम अहंकार और स्वार्थ को छोड़े बिना होता नहीं —-स्वामी रामतीर्थ
यदि कोई दुर्बल मनुष्य तुम्हारा अपमान करे तो उसे क्षमा करना ही वीरों का काम है पर यदि अपमान लरने वाला बलवान है तो उसे अवश्य दंड दो —गुरु गोविन्द सिंह
अपने कार्य को चाँद सितारों और सूरज की तरह निस्वार्थ बना दो तभी सफलता मिलेगी —-रामतीर्थ
तुम कहीं भी रहो दाता की स्थिति में रहो याचक की में नहीं ताकि तुम्हारा काम सार्वभौम हो सके ,व्यक्तिगत ,जरा भी नहीं —–रामतीर्थ
जो दूसरों के अवगुण बखानते है वह अपने अवगुण प्रगट करता है —बुद्ध
जो आदमी नशे में मदहोश है उसकी सूरत उसकी माँ को भी बुरी लगती है —तिरुवल्लुवर
नीरा तर्कशील मन उस चाक़ू जैसा है जिसमे फल ही फल हैं वह उसे इस्तेमाल करने वाले हाथ को लहूलुहान कर देता है —रवीन्द्रनाथ
भीख माँगने से भी अधिक अप्रिय उस कंजूस का जमा किया हुआ खाना है जो अकेला बैठ कर खाता है–तिरुवल्लुवर
बिना अभ्यास के कोई विद्या साध्य नहीं हो सकती और सच्ची यश प्राप्ति अभ्यास पर ही सर्वथा अवलम्बित है —–विवेकानंद
असावधान व्यक्ति सफल नहीं हो सकता घमंडी अपने उद्द्येश्य को पूरा नहीं कर सकता —सलाहुद्दीन सफदी
अगर ठीक मौके और साधनो का ख्याल rakh kar काम शुरू करो और समुचित साधनो को उपयोग में लाओ तो ऐसी कौनसी बात है जो असंभव है —तिरुवल्लुवर
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