“संसार में अतिथि बन कर रहो ”
कृत्यों में बोलो ! लफ्फाजी का समय चला गया सिर्फ काम ही बाकि है —व्हीटर
ईश्वर दो मर्तबा हँसता है ,”प्रथम डॉ किसी प्राणांतक बीमारी के मरीज को कहता है ,
”मैं तुम्हे ठीक कर देने की ग्यारंटी लेता हूँ ”
दूसरी बार जब दो भाई किसी जमीन का आधा आधा हिस्सा करते हैं
दूसरी बार जब दो भाई किसी जमीन का आधा आधा हिस्सा करते हैं
भगवान के विधान में अशुभ नाम की कोई वस्तु नहीं है केवल शुभ है और उसके लिए तैयारी
गलती मानव विचारों की संगिनी है
मुक्त होकर संसार में रहना और फिर साधारण मनुष्यों का जीवन यापन करना बहुत कठिन है
सभी त्याग एक मजहर आनंद के लिए किये जाते हैं
ज्ञान कदम कदम आगे बढ़ता है छलांग नहीं लगाता है —मेकाले
समय की तंगी की शिकायत आलसी मनुष्य ही करते हैं
We must laugh at man to avoid crying for him –Nepoleon
संसार में सच्चरित्र मनुष्य ही प्राप्ति करते हैं —चेस्टरफील्ड
ऊंचे पानी ना टिकै,नीचे ही ठहराय ,
नीचा होय सो भरी पिवै ऊंचा प्यासा जाय !—कबीर
नीचा होय सो भरी पिवै ऊंचा प्यासा जाय !—कबीर
स्त्री हृदय में करुणा अमृत बन कर बहा करती है —-अज्ञात
कबीरा सांगत साधु की ,हरै और की व्याधि
सांगत बुरी असाधु की आठों पहर उपाधि
सांगत बुरी असाधु की आठों पहर उपाधि
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