चाहत------
यादों के झुरमुट में,
आवारा सा घूमता रहता है दिल मेरा,
दीवानों सा ढून्ढता रहता है न जाने क्या,
न जाने किस चीज की तलाश है मुझे,
क्यों बेचैन हूँ?अब तक न जान पाई हूँ।
बेशुमार दौलत की चाह नही ,
अभी और, अभी और ,का फितूर नहीं,
शायद बेनाम सी जिंदगी जीते रहने की मायूसी,
खलिश बन कर
चुभती रहती है दिल में,
या शायद दुनिया में फैली दरिंदगी
बेजुबान जानवरों के क़त्ल,
हादसों में मासूम इंसानों की मौत,
और कुछ न कर पा सकने का अफ़सोस,
हाँ यही है जो लगातार दिल को सालता रहता है!
शब्द अर्थ ----फितूर - सनक,मायूसी-उदासी,बेशुमार --बहुत अधिक
खलिश-चुभन
यादों के झुरमुट में,
आवारा सा घूमता रहता है दिल मेरा,
दीवानों सा ढून्ढता रहता है न जाने क्या,
न जाने किस चीज की तलाश है मुझे,
क्यों बेचैन हूँ?अब तक न जान पाई हूँ।
बेशुमार दौलत की चाह नही ,
अभी और, अभी और ,का फितूर नहीं,
शायद बेनाम सी जिंदगी जीते रहने की मायूसी,
खलिश बन कर
चुभती रहती है दिल में,
या शायद दुनिया में फैली दरिंदगी
बेजुबान जानवरों के क़त्ल,
हादसों में मासूम इंसानों की मौत,
और कुछ न कर पा सकने का अफ़सोस,
हाँ यही है जो लगातार दिल को सालता रहता है!
शब्द अर्थ ----फितूर - सनक,मायूसी-उदासी,बेशुमार --बहुत अधिक
खलिश-चुभन
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