भरम-----
टूट गए सारे भरम,
ख्वाब हुए दरहम-बरहम ,
इतने लम्बे अर्से में भी,
बुलंदी पा न सका परचम।
बढती गयी भीड़ मुफलिसों की,
खोने लगा है मुल्क अमन,
महज एक तिहाई दौलतमंद,
मुहाल दो तिहाई को,रोटी,रिहाईश,और पैरहन,
प्यार मोहब्बत भाईचारा,पाला ,पोसा बड़े जतन,
उजड़ रहा अब लगता सहरा,
जो खुशियों का था प्यारा चमन,
दहशतगर्दों ने पहनाए
बेबस बेकसूरों को कफ़न,
खिलने से पहले ही,
कलियों को कर दिया दफ़न,
कोई ऐसा ना ,
मिला मसीहा,
थाम लेता जो,
डोर ए वतन!
शब्द अर्थ---दरहम बरहम -तहस नहस ,भरम -भुलावा, पैरहन -कपडे
टूट गए सारे भरम,
ख्वाब हुए दरहम-बरहम ,
इतने लम्बे अर्से में भी,
बुलंदी पा न सका परचम।
बढती गयी भीड़ मुफलिसों की,
खोने लगा है मुल्क अमन,
महज एक तिहाई दौलतमंद,
मुहाल दो तिहाई को,रोटी,रिहाईश,और पैरहन,
प्यार मोहब्बत भाईचारा,पाला ,पोसा बड़े जतन,
उजड़ रहा अब लगता सहरा,
जो खुशियों का था प्यारा चमन,
दहशतगर्दों ने पहनाए
बेबस बेकसूरों को कफ़न,
खिलने से पहले ही,
कलियों को कर दिया दफ़न,
कोई ऐसा ना ,
मिला मसीहा,
थाम लेता जो,
डोर ए वतन!
शब्द अर्थ---दरहम बरहम -तहस नहस ,भरम -भुलावा, पैरहन -कपडे
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