चेहरे -------
भीड़ में गुम म हुए चेहरे कभी नज़र नहीं आते दोबारा,
तलाश करती रहती है नज़रें जिन्हें ,
नहीं टकराते हैं, मानो हों बंजारा,
वो जिन्होंने आप पर कोई एहसान किया,
या वो जो एहसान फरामोश निकले,
वो जो थे अज़ीज़,
या वो जो बन गए रकीब,
कुछ बचपन के हमजोली,
या जवानी के हमसफ़र,हमराज़,
दो कदम साथ चलें हों,
या काफी लम्बा रहा हो साथ ,
न लौटते हैं वो दिन ,
न लौटता है वो समां,
और जिन्दगी की जद-ओ -ज़हद में,
धुंधलाने भी लगते हैं ,
वो चहरे!
शब्द अर्थ-----एहसान फरामोश-एहसान न मानने वाला,रकीब-दुश्मन,जद -ओ-ज़हद -जीवन संघर्ष
भीड़ में गुम म हुए चेहरे कभी नज़र नहीं आते दोबारा,
तलाश करती रहती है नज़रें जिन्हें ,
नहीं टकराते हैं, मानो हों बंजारा,
वो जिन्होंने आप पर कोई एहसान किया,
या वो जो एहसान फरामोश निकले,
वो जो थे अज़ीज़,
या वो जो बन गए रकीब,
कुछ बचपन के हमजोली,
या जवानी के हमसफ़र,हमराज़,
दो कदम साथ चलें हों,
या काफी लम्बा रहा हो साथ ,
न लौटते हैं वो दिन ,
न लौटता है वो समां,
और जिन्दगी की जद-ओ -ज़हद में,
धुंधलाने भी लगते हैं ,
वो चहरे!
शब्द अर्थ-----एहसान फरामोश-एहसान न मानने वाला,रकीब-दुश्मन,जद -ओ-ज़हद -जीवन संघर्ष
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