मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

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रविवार, 18 सितंबर 2016

Dharm & Darshan ! SUVACHAN !!


अपने पड़ौसी के सौ दोष सुधरने की अपेक्षा अपना एक दोष सुधारना अच्छा –अज्ञात
अभागा वह है जो संसार के सबसे पवित्र धर्म कृतज्ञता को भूल जाता है –जयशंकर प्रसाद
शरीर को रोगी और दुर्बल रखने के सामान दूसरा कोई पाप नहीं है –लोकमान्य तिलक
इच्छाओं से दुःख आता है ,इच्छा से भय आता है ,जो इच्छाओं से मुक्त रहता है वह न दुःख जनता है न
भय —गौतम बुद्ध
सबसे कठिन तीन वस्तुएं हैं —१ एक रहस्य को अप्रगट रखना २ कष्ट को भूल जाना ३ अवकाश का सदुपयोग करना —-चिलो
जो बिना अध्ययन के केवल कल्पना का आश्रय लेता है उसके पंख अनेक हैं परन्तु पग नहीं —-जूबर्ग
यदि तुम चाहते हो कि तुम्हारे मरते ही संसार तुम्हे भूल न जाए तो या तो पढने योग्य रचनाओं का सृजन करो या वर्णन करने योग्य कर्म करो —फ्रेंकलिन
जो दूसरों को जानता है वह शिक्षित है ,किन्तु जो स्वयं को पहिचानता है वह बुद्धिमान है —लाओ जे
व्यक्तियों से घृणा मत करो अपितु व्यक्तियों के दुर्गुणों से घृणा करो —जे जी सी बर्नार्ड
त्रुटियाँ करना मानवीय स्वभाव है क्षमा कर देना स्वर्गीय —पोप
यदि तुम प्राप्त करना चाहते हो तो अर्पित करना सीखो
तुम अपने जीवन को इतना पवित्र रखो कि कोई तुम्हारी निंदा करे फिर भी लोग उसका विश्वास न करे –अमूल्य शिक्षा
जिस प्रकार पुरानी लकड़ी जलने में उपयोगी है पुराना घोडा चढ़ ने में अच्छा है उसी प्रकार पुराने मित्र भी सदैव विश्वसनीय एवं श्रेष्ठ होते हैं —लियोनॉर्ड राईट
मौन सर्वोत्तम भाषण है अगर बोलना है तो काम से काम बोलो एक शब्द से काम चले तो दो नहीं —गांधी
मारग चलते जो गिरे ,ताको नाही दोस
जो मारग में पड़ रहे ताको लम्बे कोस
विचारो अधिक ,बोलो अत्यल्प —इटालियन लोकोक्ति
ईश्वर ने हमें थोड़े समय का जीवन दिया है उसमे हमें संसार को कुछ करके दिखाना है न कि मर के क्योंकि मारना तो एक दिन सबको ही है –अनाम
तुम्हारे पास बल है तो निर्बलों की सहायता करना तुम्हारा कर्तव्य है तुम्हारे पास धन है तो विद्यार्थी रोगी वृद्ध अतिथि की आवश्यकता पूरी करना तुम्हारा कर्तव्य है —रवीन्द्रनाथ
अच्छे मित्र को ढाल की तरह होना चाहिए जो दुःख में तो आगे रहे किन्तु सुख में पीछे –होमर
मित्र के लिए जीवनदान देना उतना ही कठिन नहीं है जितना ऐसा मित्र खोजना जिसके लिए जीवन दान किया जाय —होमर
याद रखिये —
बगीचे में फल तरकारी उगाना ज़रूरी है
मगर फूलों की उपेक्षा के साथ नहीं
शरीर का संवर्धन व श्रंगार ज़रूरी है
मगर आत्मा की उपेक्षा के साथ नहीं
वाणी को मीठा व चतुर बनाना ज़रूरी है
मगर सत्य की उपेक्षा के साथ नहीं
जीने के लिए निरंतर परिश्रम करना ज़रूरी है
मगर लक्ष्य की उपेक्षा के साथ नहीं
ईश्वर के ध्यान में मग्न रहना ज़रूरी है
मगर जीव की उपेक्षा के साथ नहीं
जीवनामृत ——
आदमी को महान बनाने वाला एक गुण है —सेवा सफलता की कुंजी है –कड़ा परिश्रम ,जीवन का एक अनन्य साथी है ,आत्म विश्वास क्षमा के दो रूप हैं –निर्बल का गुण ,सबल का भूषण
दो हित शिक्षाएं हैं –सेवा करके भूल जाओ। सेवा कराके मत भूलो ,शिक्षा के साथ दो बातें याद रखो –ज्ञान के प्रति श्रद्धा ,बड़ों के प्रति प्रेम ,तीन व्यक्ति सेवा नहीं कर सकते –भोगी,अभिमानी ,स्वार्थी ,मन के तीन दूत हैं –आँख ,वाणी ,कलम
मराठी लैंग्वेज ——
आत्मविश्वास हाच आमचा प्रिय मित्र होय ,आनंद हाच आप खरा अलंकार होय ,परोपकार हेच आपले खरे कर्तव्य होय ,साक्षरता प्रचार हीच आमची दिव्यदृष्टि होय ,दुसऱ्यांपासून चांगले गुण घेणे हाच आमचा शहाणपणा होय ,समाधानी वृत्ति अंगात असणे हाच आमचा श्रीमंत पणा,निसर्ग हाच आमचा आजन्म गुरु होय ,विद्या हेच आमचे खरे धन होय
अँधा वह नहीं है जिसकी आँखें फूटी हैं किन्तु अँधा वह है जो अपने दोष छुपाता है —एक संत
कड़वी बात कहना एक चीज है व लगाना दूसरी चीज,कहने में जिम्मेदारी हमारी है व लगने में दूसरे की —अज्ञात
education is an ornament in prosperity and refuge in adversity —Aristotle
Get away from the crowd when you can keep yourself to yourself if for a few hours daily
Life is short make it sweet Do not keep all the flowers for the ग्रावेसिडे.
विपत्ति की कसौटी पर ही मनुष्यता की परीक्षा होती है अपनी भी और दूसरों की भी 

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