असफलता से वही अछूता है जो कोई प्रयत्न नहीं करता —केनिंग

दुनिया में इज़्ज़त के साथ जीने का सबसे छोटा और शर्तिया उपाय यह है कि हम जो कुछ बाहर से दिखना छाते हैं वैसे ही वास्तव में हों भी —-सुकरात

ईर्ष्या करने वाले के लिए ईर्ष्या की बल ही काफी है क्योंकि उसके दुश्मन उसे छोड़ भी दें तो भी उसकी ईर्ष्या उसका सर्वनाश कर देगी —तिरुवल्लुवर

यह बात कोई महत्त्व नहीं रखती कि आदमी मरता कैसे है लेकिन यह कि वह जीता कैसे है —जॉनसन

मानव मस्तिष्क ठीक एक पैराशूट की तरह है जब तक खुला रहता है तभी तक क्रियाशील रहता है —लार्ड ड्वेन

सफलता इसमें नहीं कि भूले कभी न हों बल्कि इसमें कि भूल दोबारा न हो —एच डब्ल्यू शॉ

मुझे बताइये आपके संगी साथी कौन हैं और मैं बता दूंगा कि आप कौन हैं —गेटे

मैं भूल गया यह कोई मान्य बहाना नहीं है —–डॉ हॉल

जो अपने गमो को अपने अंदर ही छुपा ले वह महान है ,जो अपनी ख़ुशी को अपने अंदर छुपा ले वह महानतर है लेकिन जो गम व ख़ुशी दोनों को छुपा ले वह महानतम है

गुरु एक पल में जीव के सम्मुख होते ही उसके इतने पापों को नष्ट कर देता है जितना कि अल्पज्ञ जीव कभी कर भी नहीं सकता —–पंडित जी

संतुष्टौ भार्यया भरता भर्या भार्या तथैवच
यस्मिन्नैव कुल नित्यं कल्याणम तत्र वे ध्रुवम ——जिस कुल में भार्या से भर्ता और भर्ता से भार्या सदा संतुष्ट रहता हैं वहां निश्चय ही कल्याण का वास रहता है

कौए की चोंच को सोने से मढ़िए उसके पैरों को माणिक से जेडीए और हर पंख में मोती पिरोइये तो भी कौआ कौआ ही रहेगा राजहंस नहीं बनेगा —-सुभाषित

अमरवाणी —-

घृतेन वर्धते बुद्धिः ,क्षीरेनयुष्य वर्धनम
शाकेँ वर्धते व्याधिः ,मांसं मांसेन वर्धते

अनभ्यासे विषम शास्त्रं ,अजीर्णे भोजनं विषम
दरिद्रस्य विषम गोष्ठी ,वृद्धस्य तरुणिम विषम

वृथा वृष्टि समुद्रेच ,वृथा तृप्तेच भोजनं
वृथा धनवतो  दानं दरिद्रे यौवनं वृथा

सुन्दर मुख वाले के लिए आभूषण की आवश्यकता नहीं —कालिदास

आलस्य जीवित मनुष्य को दफना देता है —जेरेमी टेलर

ज्ञान ही शक्ति है —विवेकानंद

लगन के बिना किसी में महान प्रतिभा पैदा नहीं हो सकती —अरस्तू

भूलों को रोकने के लिए तर्क का दरवाजा खोल दो ताकि सत्य बाहर न रह जाए —सूक्ति

जो व्यक्ति प्रजा के पैर बन कर चलता है उसे कांटें नहीं चुभ सकते हैं —-राम कुमार वर्मा

ज्ञान को सीमा की चाहर दिवारी के अंदर कैद नहीं किया जा सकता है —सूक्ति

किसी सुन्दर वाक्य के निर्माण करने के बाद उसकी बारी आती है जो उसका सर्व प्रथम प्रयोग करता है —एमर्सन

आशा अंतिम श्वास तक साथ नहीं छोड़ती —सुदर्शन

आवश्यकता कभी मुनाफे का सौदा नहीं करती —फ्रेंकलिन

जो मनुष्य स्वाभिमानी होगा वह अवश्य ईमानदार होगा —सूक्ति

कर्मों की ध्वनि शब्दों से ऊंची होती है —सूक्ति

पाप छुपाने से बढ़ता है —शरतचन्द्र

कला विचारों को मूर्ति में बदल देती है—-एमर्सन

जन्म के अंधे देखते नहीं
काम के अंधे को कुछ सूझता नहीं
मदोन्मत्त किसी को देखते नहीं
स्वार्थी मनुष्य दोषों को नहीं देखते —-चाणक्य

असंतुष्ट मनुष्य संसार में अधिक दिनों तक जीवित नहीं रहते —शेक्सपियर

अपनी अपकीर्ति के जिम्मेदार हम स्वयं हैं —जे जी हालेंड

मनुष्य जितना छोटा होता है उतना ही घमंडी होता है —वॉल्टेयर

अपनी विद्वता पर अभिमान करना सबसे बड़ा अज्ञान है   —जेरेमी टेलर

जो दीपक को पीछे रखते हैं वे अपने मार्ग में अपनी ही छाया डालते हैं —रविन्द्रनाथ

अपने पुराने कपडे भी मांगनी के कपड़ों से अच्छे हैं—–सादी

जो ऋण लेने जाता है वह दुःख मोल लेने जाता है —सूक्ति

जब किसी नए ज़माने में सब बुराई ही बुराई नज़र आये तो समझ लेना चाहिए कि वह वृद्ध हो चला है —सूक्ति

जीवन के नियम आवश्यकता पर आधारित हैं और उसका आकर्षण अनवश्यकताओं पर —-हेनरी डी माण्डरलान्त

हमारी आस्था जब उंघने लगती है तो शैतान पालना झूला कर उसे गहरी नींद में सुला देता है —जोसेफ हॉल

जीवन इतना छोटा नहीं कि सौजन्य के लिए भी समय ना मिले —एमर्सन

मुझे यह न बताओ की समस्या कठिन है अगर कठिन नहीं होती तो होती क्यों —मार्शल फॉश

शब्द पत्तों की भांति हैं बहुत से शब्दों के पीछे बुद्धि का फल काम ही दिखाई देता है –अलेक्झेंडर पोप