इन सबसे भी अलग अलहदा,
एक वर्ग है और जुदा,
तीनो वर्गों से इसका नाता है
जुदा जुदा, बस जुदा जुदा।
यह गरीब भी यह अमीर भी,
हो सकता है मध्यवर्गीय भी ,
सत्ता का रस पीकर लेकिन,
बन जाता है आप खुदा।
अच्छा भी हो सकता है यह,
हो सकता है बहुत बुरा,
पढ़ कर निर्णय करें स्वयं ही,
निर्णय पाठक पर छोड़ा।
नित्य नए कपट से छल से,
बुन ताने बाने जाले से,
पाता यह संपत्ति अपार,
और गले में विजय के हार।
लामबंद और रायफल धारी,
करें सुरक्षा न्यारी न्यारी,
बुलेट प्रूफ बक्से से भाषण,
बुलेट प्रूफ ही कार सवारी।
आते ही चुनाव इनके स्वर,
हो उठते हैं बड़े मुखर,
जैसे आते ही वर्षा के,
मेंढक करते हैं टर्र टर्र।
उजाले दांतों की मुस्कान,
छुपा रही अहं अभिमान,
वादों के बोर भर भर के,
ये लाते हैं दयानिधान।
ये जानते जनता की रग,
कैसे जीतें इसका भी ढब
कैसे किसे रिझाया जाये,
कैसे पूरा करें सबब।
किसे नौकरी किसे कनेक्शन,
गैस फोन या पेट्रोल स्टेशन,
लाइसेंस फॉर कंस्ट्रक्शन ,
बांटा करते ये दना दन।
---------निरंतर { कंटीन्यू }
एक वर्ग है और जुदा,
तीनो वर्गों से इसका नाता है
जुदा जुदा, बस जुदा जुदा।
यह गरीब भी यह अमीर भी,
हो सकता है मध्यवर्गीय भी ,
सत्ता का रस पीकर लेकिन,
बन जाता है आप खुदा।
अच्छा भी हो सकता है यह,
हो सकता है बहुत बुरा,
पढ़ कर निर्णय करें स्वयं ही,
निर्णय पाठक पर छोड़ा।
नित्य नए कपट से छल से,
बुन ताने बाने जाले से,
पाता यह संपत्ति अपार,
और गले में विजय के हार।
लामबंद और रायफल धारी,
करें सुरक्षा न्यारी न्यारी,
बुलेट प्रूफ बक्से से भाषण,
बुलेट प्रूफ ही कार सवारी।
आते ही चुनाव इनके स्वर,
हो उठते हैं बड़े मुखर,
जैसे आते ही वर्षा के,
मेंढक करते हैं टर्र टर्र।
उजाले दांतों की मुस्कान,
छुपा रही अहं अभिमान,
वादों के बोर भर भर के,
ये लाते हैं दयानिधान।
ये जानते जनता की रग,
कैसे जीतें इसका भी ढब
कैसे किसे रिझाया जाये,
कैसे पूरा करें सबब।
किसे नौकरी किसे कनेक्शन,
गैस फोन या पेट्रोल स्टेशन,
लाइसेंस फॉर कंस्ट्रक्शन ,
बांटा करते ये दना दन।
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